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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ के कंटेंट की जांच के लिए एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी बनाई है। यह फिल्म पंजाब के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के लापता होने की घटना से प्रेरित है। यह कमेटी सोमवार को बनाई गई। जानिए क्या है फिल्म ‘सतलुज’ से जुड़ा पूरा विवाद?
Information and Broadcasting Sources- “The Ministry of Information and Broadcasting (MIB) has set up a high-level Inter-Departmental Committee (IDC) to examine the content of the Diljit Dosanjh-starrer Satluj, a film inspired by the disappearance of a Punjab-based human rights… pic.twitter.com/4tbdi68xad
— ANI (@ANI) July 7, 2026
फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर क्यों हुआ विवाद?
दिलजीत दोसांझ ने ‘पंजाब95’ नाम से एक फिल्म की थी, जो सेंसर बोर्ड के पास तीन साल तक अटकी रही। फिर ‘सतलुज’ नाम से शुक्रवार को ओटीटी पर रिलीज हुई। लेकिन दो दिन बाद इसे ओटीटी प्लेफॉर्म से हटा दिया गया। हनी त्रेहान की निर्देशित फिल्म ‘सतलुज’ पंजाब के एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है।
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बता दें कि जसवंत सिंह ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। 1995 में उनका अपहरण कर लिया गया था और उसके बाद वे कभी नहीं दिखे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा का किरदार निभाया है।सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा। अब इसके कंटेंट की जांच की जाएगी।
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